भगवान शान्तिनाथ(Shantinath)
तीर्थंकर भगवान शान्तिनाथ का जीवन परिचय
भगवान शान्तिनाथ जैन परंपरा में एक प्रमुख तीर्थंकर हैं। परंपराओं में उनके जन्म, तप और उपदेशों का उल्लेख मिलता है। शांतिनाथ की शिक्षाएँ शांति, अहिंसा और आत्म-नियमन पर केंद्रित हैं।
कथाओं के अनुसार उन्होंने युवावस्था में शासन त्याग कर साधना की और कठोर तप प्राप्त किया, जिससे उन्हें केवलज्ञान की प्राप्ति हुई। उनका जीवन अनुयायियों के लिए प्रेरणास्पद माना जाता है।
उनके उपदेशों की वजह से अनेक भक्तों ने उनके दिखाये मार्ग का अनुसरण किया और जैन धर्म के आदर्श स्थापित हुए।
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